कठना नदी में रेत का अवैध उत्खनन! पड़रिया में शाम होते ही दौड़ने लगती हैं 5 से 6 गाड़ियां, जिम्मेदारों की चुप्पी पर सवाल
केसवाही क्षेत्र में कथित रेत चोरी का खेल जारी, बारिश थमने के बाद से नदी से रेत निकालने का आरोप; क्या माफियाओं पर होगी कार्रवाई या यूं ही चलता रहेगा अवैध कारोबार
मध्य प्रदेश के शहडोल जिले में रेत के अवैध उत्खनन को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो रहे हैं। बुढ़ार थाना क्षेत्र अंतर्गत पुलिस चौकी केसवाही के ग्राम पड़रिया स्थित कठना नदी में कथित रूप से रेत निकालने का मामला सामने आया है। स्थानीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, शाम होते ही नदी क्षेत्र में रेत से लदी गाड़ियों की आवाजाही शुरू हो जाती है। दावा किया जा रहा है कि एक के बाद एक लगातार 5 से 6 गाड़ियां यहां से गुजरती दिखाई देती हैं। यदि इन आरोपों की पुष्टि होती है, तो यह संबंधित विभागों की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करेगा।
बारिश थमते ही कथित अवैध उत्खनन तेज!
स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, बारिश बंद होने के बाद से कठना नदी से लगातार रेत निकाले जाने की गतिविधियां देखी जा रही हैं। आरोप है कि नदी के प्राकृतिक स्वरूप और तल को प्रभावित करते हुए रेत का उत्खनन किया जा रहा है। हालांकि, उत्खनन की वैधता, संबंधित वाहनों और इसमें शामिल लोगों की भूमिका की आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि नदी क्षेत्र में लगातार भारी वाहनों की आवाजाही हो रही है, तो संबंधित खनिज विभाग, राजस्व विभाग और स्थानीय प्रशासन की नजर इस गतिविधि पर क्यों नहीं पड़ रही है? क्या क्षेत्र में निगरानी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है, या फिर कार्रवाई का इंतजार किसी बड़ी शिकायत के बाद ही किया जाएगा?
शासन को राजस्व का नुकसान, नदी के अस्तित्व पर भी खतरा
नदी से नियमों के विरुद्ध रेत निकाले जाने की स्थिति में शासन को राजस्व की हानि होने के साथ पर्यावरण और नदी के प्राकृतिक स्वरूप पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। यदि बिना वैध अनुमति के उत्खनन किया जा रहा है, तो यह जांच का विषय है कि कितनी मात्रा में रेत निकाली गई और इस गतिविधि में कौन-कौन शामिल है।
ग्रामीणों के बीच यह चर्चा भी है कि आखिर कथित रेत कारोबारियों के हौसले इतने बुलंद कैसे हैं? क्या उन्हें कानून और प्रशासनिक कार्रवाई का कोई भय नहीं है? इन सवालों का जवाब संबंधित अधिकारियों की जांच और कार्रवाई के बाद ही सामने आएगा।
मुख्यमंत्री के जीरो टॉलरेंस के दावे पर सवाल
मध्य प्रदेश सरकार अवैध गतिविधियों और माफिया के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात करती रही है। ऐसे में पड़रिया की कठना नदी में अवैध उत्खनन के आरोप सामने आने के बाद प्रशासन की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है। अब देखना होगा कि संबंधित अधिकारी मौके पर जांच कर आरोपों की सच्चाई सामने लाते हैं या नहीं।
कब जागेंगे जिम्मेदार अधिकारी?
पड़रिया क्षेत्र में कथित अवैध रेत उत्खनन को लेकर अब निगाहें खनिज विभाग और जिला प्रशासन पर टिकी हैं। जरूरत है कि नदी क्षेत्र का निरीक्षण कर वाहनों की आवाजाही, उत्खनन की अनुमति और रेत परिवहन से जुड़े दस्तावेजों की जांच की जाए। यदि नियमों का उल्लंघन पाया जाता है, तो नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए।
अगली खबर में सामने आएंगे और तथ्य!
पड़रिया की कठना नदी में कथित रेत उत्खनन को लेकर इस मामले की पड़ताल जारी है। आगे की रिपोर्ट में उपलब्ध साक्ष्यों और आधिकारिक जानकारी के आधार पर संबंधित वाहनों, उत्खनन की गतिविधियों और जिम्मेदार लोगों की भूमिका से जुड़े तथ्यों को सामने लाने का प्रयास किया जाएगा।
अब बड़ा सवाल यही है—कठना नदी में कथित अवैध रेत उत्खनन पर कार्रवाई कब होगी?

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