रसमोहनी ग्राम से उमरा करने के लिए दूसरा काफिला हुआ रवाना



           किसी शायर ने क्या खूब कहा है कि

        हाजियों आओ शहंशाह का रोजा देखें 
        काबा तो देख चुके काबे का काबा देखें

खबर है मध्य प्रदेश के शहडोल जिले के सर जमीने रसमोहनी से है जहां इन दिनों में रहमत और नूर की बरशात हो रही है 

हम यह बात क्यों कह रहे हैं की रहमत और नूर की बरशात हो रही है कुछ तो बात होगी ग्राम रसमोहनी में जानकारी के मुताबिक आपको हम बताते चलें कि इस समय रसमोहनी गांव में हाजियों का काफिला देखने को मिल रहा है अभी एक हफ्ते पहले रसमोहनी गांव से चार हाजियों का काफिला उमरा करने रवाना हुआ था अब आज दिनांक 2 जनवरी 2026 को 8 हाजियों की काफिला रवाना हुआ है एक छोटे से गांव जो की शहडोल जिले में पड़ता है ग्राम रसमोहनी से एक सप्ताह के अंदर 12 लोग उमरा करने के लिए रवाना हुए हम तो यह समझते हैं कि उस गांव में अल्लाह और उसके रसूल का खास रहमो करम है अब हम आपको बताते चलें कि आज दिनांक 2 जनवरी 2026 को उमरा के लिए रवाना होने वाले में हाजी मोहम्मद अयूब हाजी मोहम्मद महबूब हाजी मोहम्मद उस्मान बाबू हाजी गुलाम मोहम्मद 

शहीदन बी अमिरन बी रफीकून बी कुलसुम बी इन आठ लोगों की काफिला उमरा के लिए रवाना हुआ है आज सुबह 10:00 से हाजी महबूब के मकान में सभी आने-जाने वाले बाहर से आने वाले गांव वाले सभी लोगों का लंगर का इंतजाम किया गया था लंगर से फारीग होकर सभी लोगों ने जुमे की नमाज अदा करने के लिए मस्जिद की तरफ रवाना हुए मस्जिद में सभी हाजियों ने मेंबरे ए रसूल पर खड़े होकर अपनी गलतियों का मजरत चाहा फिर बाद नमाज जुमा हाजी महबूब के मकान से नात और सलातो सलाम पढ़ते हुए फिर मस्जिद तक पैदल सभी हाजियों के साथ सैकड़ो लोगों ने फूल और माला के साथ इस्तेमाल करते हुए सभी लोगों से मिलते जुलते ऐसा लग रहा था कि आज रसमोहनी में रहमतों नूर की बरसात हो रही है ऐसा खूबसूरत मंजर और ऐसे सुहाना मंजर हमेशा देखने को नहीं मिलता है यह नजारा कभी-कभी ही देखने को मिलता है और इन हाजियों को जाते हुए देख के सभी लोगों की खुशी की आंसू गिरने लगे सभी लोगों कि दिल मे बस यही तमन्ना है कि हमारा नंबर कब आएगा कि हमे भी मदीने बुलावा आए और हम भी इसी तरह रसूलल्लाह के दर पर हाजिर हो जाए हैं