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मध्य प्रदेश जन अभियान परिषद के तत्वावधान में आदि गुरु शंकराचार्य जयंती पखवाड़ा के अवसर पर निजी होटल में संवाद योजना अंतर्गत जिला स्तरीय व्याख्यानमाला का आयोजन किया गया।



 मध्य प्रदेश जन अभियान परिषद के तत्वावधान में आदि गुरु शंकराचार्य जयंती पखवाड़ा के अवसर पर निजी होटल में संवाद योजना अंतर्गत जिला स्तरीय व्याख्यानमाला का आयोजन किया गया। 

      प्रो. दिलीप तिवारी ने व्याख्यानमाला में आदि गुरु शंकराचार्य के सिद्धांतों, विचारों और उनके सन्यासी से विद्रोही सन्यासी बनने सहित विभिन्न प्रमुख पहलुओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। श्री वेदनारायण शास्त्री द्वारा बताया गया कि शंकराचार्य ने वेद, वेदांत और उपनिषद के ज्ञान को जन-जन तक पहुंचाया। 

     उन्होंने कहा कि बुद्धि के साथ विवेक का होना अत्यंत आवश्यक है, बिना सत्संग के विवेक का प्रस्फुटन संभव नहीं है। जब वेद वाणी और कर्म का संगम होता है, तब हम स्वयं सत्य के प्रति अग्रसर होते हैं। ज्ञान को गहराई से समझने के लिए ज्ञान तक उतरना पड़ता है।  

व्याख्यानमाला कार्यक्रम की रूपरेखा संभाग समन्वयक ,भीम सिंह डामोर द्वारा रखी गई।

 उन्होंने बताया की संभाग अंतर्गत सभी जिलों में आयोजित कार्यक्रमों में आदि गुरु शंकराचार्य जी के जीवन दर्शन को जन जन तक पहुंचाना परिषद का उद्देश्य है।

 कार्यक्रम में जिला समन्वयक जन अभियान परिषद विवेक पांडे ने बताया कि यह व्याख्यानमाला आदि गुरु के विचारों को समाज में प्रसारित करने के उद्देश्य से आयोजित की गई है। कार्यक्रम का संचालन प्रिया सिंह द्वारा किया गया। 

    इस अवसर पर, ऋतिकदास मिश्रा, आलोक सोंधिया,प्रदीप सिंह, राहुल द्विवेदी, शिवम तिवारी, सतीश तिवारी, राघवेंद्र शुक्ला, सनथ त्रिपाठी, लोकनाथ नामदेव आकांक्षा मिश्रा सहित अन्य नवांकुर संस्था के सदस्य और एमएसडब्ल्यू व बीएसडब्ल्यू के विद्यार्थी उपस्थित रहे।



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