कोच मोहम्मद इमरान जिनके कुशल प्रशिक्षण से जिला खो-खो संघ शहडोल की 15 सदस्यीय टीम ने उत्कृष्ट प्रदर्शन कर प्राप्त किया तृतीय स्थान
शहडोल/जबलपुर में 12 से 14 दिसंबर तक आयोजित 44वी जूनियर राज्य स्तरीय खो-खो प्रतियोगिता में 2024 व 2025 में लगातार तृतीय स्थान प्राप्त करने वाली जिला खो-खो संघ शहडोल की 15 सदस्यीय टीम, कोच मोहम्मद इमरान के साथ।
खो-खो के माध्यम से शहडोल जिले का नाम प्रदेश में रोशन
12 से 14 दिसंबर तक जबलपुर में आयोजित 44वी जूनियर राज्य स्तरीय खो-खो प्रतियोगिता में जिला खो-खो संघ शहडोल की 15 सदस्यीय टीम ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए तृतीय स्थान प्राप्त कर पूरे शहडोल जिले को गौरवान्वित किया। यह सफलता जिले में खेल संस्कृति को मजबूत करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम मानी जा रही है।
टीम की इस उपलब्धि का श्रेय मुख्य रूप से कोच मोहम्मद इमरान को जाता है, जिनके कुशल प्रशिक्षण, अनुशासन और प्रेरणादायक मार्गदर्शन में खिलाड़ियों ने राज्य स्तर पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। कोच मोहम्मद इमरान वर्षों से खो-खो जैसे पारंपरिक खेल को नई पहचान दिलाने के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं। और वह खुद भी राष्ट्रीय खिलाडी है।
इस उपलब्धि पर धनपुरी नगर पालिका की अध्यक्ष श्रीमती रविंदर कौर छावड़ा एवं बुढ़ार नगर परिषद की अध्यक्ष श्रीमती शालिनी सरावगी जी ने खिलाड़ियों एवं कोच को बधाई देते हुए कहा कि ऐसे खेल आयोजनों से युवाओं में अनुशासन, स्वास्थ्य और नेतृत्व क्षमता का विकास होता है। उन्होंने जिले में खेलों को और अधिक प्रोत्साहन देने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
यह सफलता जिले के विद्यार्थियों और युवाओं के लिए एक स्पष्ट संदेश है कि खेल केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि सम्मान, पहचान और कैरियर का मजबूत माध्यम है। खो-खो जैसे भारतीय खेलों को अपनाकर युवा प्रदेश व देश स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकते हैं।
जिला खो-खो संघ शहडोल ने अपेक्षा व्यक्त की है कि भविष्य में प्रशासन एवं जनप्रतिनिधियों के सहयोग से जिले में और अधिक खेल प्रशिक्षण शिविर एवं प्रतियोगिताएँ आयोजित की जाएँगी, जिससे शहडोल खेलों के क्षेत्र में नई ऊँचाइयों को छू सके।
कोच मोहम्मद इमरान ने बताया
“खो-खो सिर्फ एक खेल नहीं, बल्कि अनुशासन, गति और टीम भावना का प्रतीक है। युवा वर्ग खेल को अपनाए और अपने उज्ज्वल भविष्य की नींव रखे।” राज्य स्तरीय प्रतियोगिता को लक्ष्य बनाकर हमने 15 दिनों का सघन प्रशिक्षण शिविर बूढ़ार के कुशाभाऊ ठाकरे खेल मैदान में लगाया, जहाँ खिलाड़ियों ने पसीना बहाकर खुद को साबित किया। सीमित संसाधन कभी हमारी राह नहीं रोक सकते, जब इरादे मजबूत हों। यह तृतीय स्थान सिर्फ एक पदक नहीं, बल्कि शहडोल के युवाओं के आत्मविश्वास और उज्ज्वल भविष्य की शुरुआत है। मेरा संकल्प है कि शहडोल का हर प्रतिभाशाली खिलाड़ी खो-खो के ज़रिये प्रदेश, देश और दुनिया में अपना परचम लहराए।” साथ ही शहडोल जिले के खेल प्रेमी अपने खिलाडियों का हौसला बढाने के लिए सीनिअर खिलाडी दिव्यांशु सिंह राणा, महेंद्र सिंह,रिषभ सेन,सिब्बू यादव एवं खो-खो के विशिष्ट विवेक यादव जी भी वहा पहुँचकर टीम का हौसला बढाया।


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