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पक्षियों के प्रति संवेदनशीलता का सुंदर उदाहरण पक्षियों की प्यास बुझाने के लिए पेड़ों पर बांधे जा रहे सकोरे

 पक्षियों के प्रति संवेदनशीलता का सुंदर उदाहरण 

पक्षियों की प्यास बुझाने के लिए पेड़ों पर बांधे जा रहे सकोरे


जल ही जीवन है” ग्रीष्म ऋतु में हर जीव-जंतु के लिए पानी बेहद जरूरी हो जाता है। बिना जल के जीवन की कल्पना भी संभव नहीं है। तेज गर्मी और बढ़ते तापमान के कारण कई प्राकृतिक जल स्रोत सूख जाते हैं, जिससे पशु-पक्षियों को पानी मिलना कठिन हो जाता है।

ऐसे में पक्षियों को राहत देने के उद्देश्य से शहडोल के युवाओं ने सराहनीय पहल की है। नगर के विभिन्न स्थानों पर पेड़ों में सकोरे (मिट्टी के बर्तन) बांधकर उनमें पानी भरा जा रहा है, ताकि पक्षियों को आसानी से पानी मिल सके।

इसी क्रम में पंडित शंभू नाथ शुक्ल विश्वविद्यालय शहडोल के विद्यार्थियों ने विश्वविद्यालय परिसर सहित अन्य शैक्षणिक संस्थानों में सकोरे बांधकर पक्षियों की प्यास बुझाने का अभियान शुरू किया है। 

यह पहल पर्यावरण संरक्षण और जीवों के प्रति संवेदनशीलता का सुंदर उदाहरण प्रस्तुत करती है।



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