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शहडोल: जमीन विवाद में महिला की बेरहमी से पिटाई, 6 पसलियां टूटीं, भीम आर्मी और आजाद समाज पार्टी ने दी उग्र आंदोलन की चेतावनी

 शहडोल: जमीन विवाद में महिला की बेरहमी से पिटाई, 6 पसलियां टूटीं, भीम आर्मी और आजाद समाज पार्टी ने दी उग्र आंदोलन की चेतावनी

मध्य प्रदेश के शहडोल जिले के सिंहपुर थाना क्षेत्र में मानवता को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। यहाँ एक जमीन विवाद के दौरान महिला के साथ इतनी बर्बरता की गई कि उसकी पसली की 6 हड्डियां टूट गईं। इस घटना को लेकर अब जिले का सियासी और सामाजिक पारा चढ़ गया है। *भीम आर्मी भारत एकता मिशन* और *आजाद समाज पार्टी (कांशीराम)* ने संयुक्त रूप से प्रशासन को अल्टीमेटम दिया है कि यदि पीड़िता को न्याय नहीं मिला, तो पूरे जिले में उग्र आंदोलन छेड़ा जाएगा।


*क्या है पूरा मामला?*


मिली जानकारी के अनुसार, बीते 6 मई को लालपुर निवासी *मीना कुशवाहा* सिंहपुर में अपनी जमीन देखने गई थीं। वहाँ आम के पेड़ को लेकर हुए विवाद ने तूल पकड़ लिया। आरोप है कि *पुष्पेंद्र पांडेय, धर्मेंद्र पांडेय, मनदीप पांडेय और कुलदीप पांडेय* ने महिला पर जानलेवा हमला कर दिया। हमले की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पीड़िता की 6 पसलियां टूट चुकी हैं। वर्तमान में मीना कुशवाहा शहडोल मेडिकल कॉलेज में जिंदगी और दर्द से जूझ रही हैं।


*युवा नेताओं ने की मुलाकात, जाना हाल*


आज पीड़िता का हाल जानने आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) और भीम आर्मी के युवा नेताओं का दल मेडिकल कॉलेज पहुंचा। इस दल में जिला अध्यक्ष *कैलाश कुमार अहिरवार*, जिला प्रभारी *प्रकाश विश्वकर्मा*, जिला प्रभारी *शिव कुमार बैगा* और भीम आर्मी जिला महासचिव *एस.पी. बाल्मीकि* शामिल थे। नेताओं ने पीड़िता से पूरी घटना की जानकारी ली और उसे हर संभव कानूनी व सामाजिक मदद का भरोसा दिलाया।


*प्रशासन को सीधी चेतावनी: "न्याय नहीं तो चक्काजाम"*


आजाद समाज पार्टी के जिला अध्यक्ष कैलाश कुमार अहिरवार ने इस घटना की कड़े शब्दों में निंदा की है। उन्होंने कहा:


> "एक तरफ सरकार महिला सुरक्षा के बड़े-बड़े दावे करती है, वहीं दूसरी तरफ दबंगों द्वारा एक निहत्थी महिला को अधमरा कर दिया जाता है। हमारी मांग है कि आरोपियों पर तत्काल धारा 109 सहित अन्य गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर उन्हें जेल भेजा जाए।"


*आंदोलन की हुंकार*

 भीम आर्मी भारत एकता मिशन ने मुख्य बिंदु के रूप में यह स्पष्ट किया गया है कि यदि पुलिस प्रशासन ने इस मामले में ढुलमुल रवैया अपनाया या राजनैतिक दबाव में आकर दोषियों को बचाने की कोशिश की, तो परिणाम गंभीर होंगे।

 

*भीम आर्मी भारत एकता मिशन* और *आजाद समाज पार्टी (कांशीराम)* शहडोल इकाई ने संयुक्त बयान जारी कर कहा है कि यदि पीड़िता मीना कुशवाहा को न्याय नहीं मिलता है, तो दोनों संगठन मिलकर *पूरे जिले में उग्र आंदोलन* करेंगे।


 कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि वह *सिंहपुर थाने का घेराव* करने के साथ-साथ सड़कों पर उतरकर चक्काजाम करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी।


*प्रमुख मांगें:*


 1. सभी नामजद आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी।

 2. पीड़िता को प्रशासन की ओर से उचित मुआवजा और सुरक्षा प्रदान करना।

 3. मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कठोरतम कानूनी कार्रवाई।

फिलहाल, पुलिस इस मामले की जांच कर रही है, लेकिन भीम आर्मी और आजाद समाज पार्टी के कड़े रुख ने प्रशासन पर दबाव बढ़ा दिया है। अब देखना यह है कि खाकी इन दबंगों पर कितनी जल्दी शिकंजा कसती है।

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