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धनौरा बना घोटालों का गढ़! फर्जी मोटर, फर्जी बिल और फर्जी मूल्यांकन से लाखों का खेल उजागर

 धनौरा बना घोटालों का गढ़! फर्जी मोटर, फर्जी बिल और फर्जी मूल्यांकन से लाखों का खेल उजागर

शिवसेना के जिला अध्यक्ष शिव चक्रवर्ती ने जनपद शियो को सोपा ज्ञापन कार्रवाई की मांग

शहडोल जिले के बुढ़ार जनपद अंतर्गत ग्राम पंचायत धनौरा में भ्रष्टाचार की बड़ी परतें खुलकर सामने आई हैं। शिवसेना संभाग अध्यक्ष पवन पटेल के नेतृत्व में जिला अध्यक्ष शिव चक्रवर्ती ने जनपद पंचायत बुढ़ार के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) को ज्ञापन सौंपते हुए पंचायत में हुए करोड़ों के घोटालों की जांच एवं कड़ी कार्यवाही की मांग की है।

ज्ञापन में गंभीर आरोप लगाते हुए बताया गया कि सरपंच पति चन्द्रशेखर सिंह, सचिव सुरेश कुमार भट्ट और उपयंत्री सीता सरण शुक्ला की मिलीभगत से पंचायत में 30 लाख रुपए से अधिक का घोटाला किया गया है।

             प्रमुख घोटाले इस प्रकार हैं:

चेक डैम घोटाला – 10 लाख रुपये मुरारी भरिया के पहले से बने तालाब को ही “चेक डैम” दिखाकर 10 लाख रुपये स्वीकृत कर लिए गए। मौके पर सिर्फ हल्की मिट्टी हटाई गई, जबकि फर्जी मस्टररोल के जरिए 4.69 लाख का भुगतान निकाल लिया गया। पिचिंग कार्य पूरी तरह गायब, फिर भी इंजीनियर ने बिना जांच बिल पास कर दिया।

 नवा तालाब जीर्णोद्धार – 2.5 लाख रुपये तालाब में किसी प्रकार का निर्माण कार्य नहीं हुआ। केवल मेंड़ की झाड़ियों की कटाई दिखाकर 2.5 लाख रुपये का भुगतान निकाल लिया गया।

 नल-जल योजना फेल अमराडंडी दरी टोला में नल-जल योजना पूरी तरह अधूरी पड़ी है। पाइपलाइन बिछाने का कार्य अधूरा छोड़ दिया गया, जिससे ग्रामीण आज भी पेयजल संकट से जूझ रहे हैं। इसके बावजूद ठेकेदार द्वारा भुगतान लेने के आरोप लगे हैं।

 उठे बड़े सवाल

बिना कार्य के भुगतान कैसे हुआ?

फर्जी मस्टररोल किसके इशारे पर तैयार हुए?

जिम्मेदार अधिकारी जांच से पहले ही बिल पास कैसे कर रहे हैं?

शिवसेना की चेतावनी

जिला अध्यक्ष शिव चक्रवर्ती ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई नहीं की गई, तो शिवसेना उग्र आंदोलन करेगी।

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