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खाकी के सामने सरपंच की तानाशाही! 50 साल पुराने रोजगार पर बुलडोज़र चलाने की धमकी, नाली सफाई मांगने पर 'FIR' की चेतावनी

 खाकी के सामने सरपंच की तानाशाही! 50 साल पुराने रोजगार पर बुलडोज़र चलाने की धमकी, नाली सफाई मांगने पर 'FIR' की चेतावनी

केशवाही (पुराना बस स्टैंड):

प्रशासनिक व्यवस्था और जनप्रतिनिधियों की जवाबदेही पर एक बड़ा सवालिया निशान खड़ा हो गया है। ग्राम पंचायत जमुनिहा के सरपंच नारायण पर अपने पद का दुरुपयोग करने, 50 साल पुराने व्यापारी को प्रताड़ित करने और पुलिस की मौजूदगी में खुलेआम धमकी देने के गंभीर आरोप लगे हैं।

मामला ग्राम पंचायत जमुनिहा के पुराना बस स्टैंड स्थित छोटी हनुमान मंदिर और दुर्गा मंच के पीछे का है, जहां पीड़ित व्यापारी बीते 50 वर्षों से अपना ठेला लगाकर आजीविका चला रहा है। आरोप है कि सरपंच द्वारा गांव की नाली की सफाई कराने के बजाय, नाली का गंदा पानी जबरन व्यापारी की दुकान के नीचे से बहाया जा रहा है।

नाली सफाई मांगने पर केस में फंसाने की धमकी

*हैरानी की बात यह है कि क्षेत्र में पक्की नाली का निर्माण पहले से मौजूद है। यदि नाली की पूरी सफाई करवा दी जाए, तो समस्या का समाधान तुरंत हो सकता है। लेकिन सफाई कराने के बजाय सरपंच गंदे पानी को दुकान की तरफ मोड़ रहे हैं। जब पीड़ित ने दुकान को जलभराव और नुकसान से बचाने के लिए मिट्टी डाली, तो सरपंच आपे से बाहर हो गए और सीधे दुकान बंद कराने व झूठी FIR कराने की धमकी दे डाली।*

पुलिस के सामने खुला 'पावर का खेल'

*सबसे चौंकाने वाला पहलू यह है कि सरपंच नारायण ने यह पूरी दबंगई केशवाही चौकी प्रभारी की मौजूदगी में दिखाई। कानून के रखवालों के सामने एक जनप्रतिनिधि का यह कहना कि 'नाली साफ नहीं होगी, पानी यहीं से जाएगा और दुकान खोली तो FIR करवा दूंगा', यह साबित करता है कि स्थानीय स्तर पर रसूखदार किस कदर बेखौफ हैं।*

पद के दुरुपयोग पर उठते कानूनी सवाल:

*BNS धारा 351 व 198 की अवहेलना: एक लोक सेवक (सरपंच) होकर जनता को नाली सफाई का हक देने के बजाय धमकी देना और पद का गलत इस्तेमाल करना।

पुलिस की भूमिका पर सवाल: चौकी प्रभारी के सामने गरीब व्यापारी को धमकाए जाने के बावजूद मूकदर्शक बने रहना निष्पक्षता पर सवाल खड़े करता है।

पंचायत राज अधिनियम धारा 40: जनता को प्रताड़ित करने और पदीय कर्तव्यों का पालन न करने पर क्या सरपंच पर पद से बर्खास्तगी की कार्रवाई होगी?*

न्याय की आस में पीड़ित

वर्षों से ईमानदारी से पेट पाल रहे व्यापारी पर आज बेघर और बेरोजगार होने का खतरा मंडरा रहा है। स्थानीय ग्रामीणों और व्यापारियों में इस तानाशाही को लेकर गहरा असंतोष है। पीड़ित ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और जिला प्रशासन से मांग की है कि नाली की तत्काल सफाई कराई जाए और पद का दुरुपयोग करने वाले सरपंच व पक्षपातपूर्ण रवैये पर सख्त कदम उठाया जाए।

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