रोजगार के वादे पर उठे सवाल, अतरिया के युवाओं ने दी उग्र आंदोलन की चेतावनी
शहडोल। जिले की रामपुर बटूरा ओपन कास्ट कोयला खदान विस्तार परियोजना को लेकर ग्राम पंचायत अतरिया के किसानों और युवाओं में एक बार फिर नाराजगी देखने को मिल रही है। रोजगार के मुद्दे को लेकर ग्रामीणों ने कलेक्टर शहडोल को ज्ञापन सौंपते हुए एसईसीएल और ग्राम पंचायत प्रशासन पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
ग्रामीणों के अनुसार, 18 जुलाई 2026 को ग्राम पंचायत अतरिया में एक दिवसीय हड़ताल का आयोजन किया गया था, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीण, किसान, युवा और जनप्रतिनिधि शामिल हुए थे। हड़ताल का मुख्य उद्देश्य एसईसीएल के कार्यों से प्रभावित बेरोजगार युवाओं को रोजगार दिलाना था।
ग्रामीणों का आरोप है कि एसईसीएल के लिए कार्य कर रही निजी कंपनी जय अंबे में स्थानीय युवाओं को रोजगार देने की मांग बैठक में प्रमुखता से उठाई गई थी। बैठक के दौरान एसईसीएल के अधिकारियों ने प्रशासन की मौजूदगी में केवल 15 युवाओं को रोजगार देने का आश्वासन दिया था। साथ ही यह भी कहा गया था कि तीन महीने बाद 15 अन्य युवाओं की भर्ती की जाएगी।
ग्रामीणों का कहना है कि ग्राम पंचायत अतरिया के सरपंच द्वारा एसईसीएल को 15 या 30 युवाओं की जो सूची सौंपी गई है, उसका अब तक सत्यापन नहीं किया गया है। इससे ग्रामीणों के बीच असंतोष बढ़ता जा रहा है।
युवाओं और ग्रामीणों ने मांग की है कि 15 दिनों के भीतर रोजगार के लिए भेजी गई सूची का सत्यापन ग्राम पंचायत के वरिष्ठ लोगों की मौजूदगी में कराया जाए और यह स्पष्ट किया जाए कि किन-किन लोगों के नाम रोजगार के लिए भेजे गए हैं।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित समय के भीतर सूची का सत्यापन नहीं किया गया, तो ग्राम पंचायत अतरिया के युवा और ग्रामीण उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में इसकी पूरी जिम्मेदारी ग्राम पंचायत अतरिया, एसईसीएल और संबंधित प्रशासनिक तंत्र की होगी।
निवेदक: संपूर्ण ग्राम पंचायत अतरिया, नवयुवक अतरिया एवं उपसरपंच ग्राम पंचायत अतरिया।

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