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बारिश ने फिर खोली केसवाही के विकास की पोल, मेन मार्केट में जलभराव से लोग परेशान

 बारिश ने फिर खोली केसवाही के विकास की पोल, मेन मार्केट में जलभराव से लोग परेशान



केसवाही। शहडोल जिले की जनपद पंचायत बुढार अंतर्गत ग्राम पंचायत केसवाही से एक बार फिर विकास व्यवस्था की पोल खोलती तस्वीरें सामने आई हैं। लगातार बारिश के बीच केसवाही के मेन मार्केट में जलभराव की स्थिति बनी हुई है। महज कुछ देर की बारिश के बाद बाजार की सड़कें पानी से भर जाती हैं, जिससे दुकानदारों, राहगीरों और आसपास के ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।

केसवाही भले ही नगर पंचायत या नगर पालिका क्षेत्र नहीं है, लेकिन यह क्षेत्र एक बड़े कस्बे के रूप में जाना जाता है। आसपास के करीब 50 गांवों के लोगों का आवागमन केसवाही बाजार से जुड़ा हुआ है। व्यापार, खरीदारी, स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य जरूरी कामों के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण प्रतिदिन केसवाही पहुंचते हैं। ऐसे में मुख्य बाजार में जलभराव की समस्या केवल स्थानीय दुकानदारों की समस्या नहीं, बल्कि आसपास के दर्जनों गांवों से जुड़े लोगों के लिए भी परेशानी का कारण बन रही है।

बारिश होते ही बाजार बन जाता है तालाब

स्थानीय लोगों का कहना है कि यह समस्या कोई नई नहीं है। कई वर्षों से बारिश के दौरान केसवाही के मुख्य बाजार में जलभराव की स्थिति देखी जा रही है। बारिश शुरू होते ही बाजार की तस्वीर बदल जाती है और कई स्थानों पर सड़कें पानी में डूब जाती हैं।

चाय की दुकानों से लेकर पान के ठेलों और बाजार में होने वाली आम चर्चाओं तक, केसवाही के विकास और जलभराव की समस्या चर्चा का विषय बनी रहती है। सवाल यह है कि आखिर इतने महत्वपूर्ण कस्बे की यह समस्या वर्षों से जस की तस क्यों बनी हुई है?

नाली व्यवस्था पर भी उठ रहे सवाल

इस समस्या के पीछे नाली व्यवस्था और उसकी सफाई को भी एक प्रमुख कारण बताया जा रहा है। ग्राम पंचायत से मिली जानकारी के अनुसार, बाजार क्षेत्र में कुछ दुकानदारों द्वारा नालियों के ऊपर फर्श अथवा दुकान का सेटअप बना लिया गया है। ऐसे में नालियों की नियमित सफाई और जल निकासी का काम प्रभावित होता है।

ग्राम पंचायत के जिम्मेदारों का कहना है कि जब नालियों की सफाई अथवा व्यवस्था सुधारने का प्रयास किया जाता है, तो कुछ स्थानों पर काम में बाधा उत्पन्न होने की स्थिति सामने आती है। पंचायत का दावा है कि ऐसे कारणों से विकास एवं जल निकासी व्यवस्था को बेहतर बनाने के प्रयास प्रभावित होते हैं।

हालांकि, इस पूरे मामले में यह भी जरूरी है कि पंचायत और प्रशासन द्वारा मौके पर वास्तविक स्थिति की जांच कराई जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि नाली की जमीन पर अतिक्रमण या किसी तरह की बाधा है तो उसे नियमानुसार हटाकर जल निकासी का स्थायी समाधान किया जाए।

सवाल जिम्मेदारों से भी

अगर बाजार क्षेत्र में जल निकासी की समस्या वर्षों से बनी हुई है, तो सवाल यह भी उठता है कि अब तक इसका स्थायी समाधान क्यों नहीं हो पाया? क्या केवल नालियों की सफाई से समस्या खत्म होगी या फिर पूरे बाजार की जल निकासी व्यवस्था का नए सिरे से सर्वे कर स्थायी ड्रेनेज सिस्टम तैयार करने की आवश्यकता है?

केसवाही के व्यापारी और ग्रामीण अब ऐसी व्यवस्था की उम्मीद कर रहे हैं, जिससे बारिश के दौरान बाजार जलमग्न न हो और आम लोगों को राहत मिल सके।

अब देखने वाली बात यह होगी कि ग्राम पंचायत केसवाही और संबंधित जनपद पंचायत इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए केवल आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित रहती है या फिर धरातल पर कोई स्थायी समाधान निकालती है।

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