कीचड़ में लग रहा साप्ताहिक बाजार, व्यापारियों ने ठेकेदार पर लगाए वसूली के गंभीर आरोप
बैठकी के नाम पर हर सप्ताह दुकानदारों से वसूली, फिर भी बाजार में मूलभूत सुविधाओं का अभाव
शहडोल जिले के जनपद पंचायत बुढ़ार अंतर्गत ग्राम पंचायत कमता से एक बार फिर पंचायत की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े करने वाली तस्वीर सामने आई है। यहां प्रत्येक शुक्रवार को लगने वाला साप्ताहिक बाजार इन दिनों व्यापारियों और ग्राहकों के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है।
दूर-दराज क्षेत्रों से बड़ी संख्या में व्यापारी अपना सामान लेकर कामता के साप्ताहिक बाजार में पहुंचते हैं, लेकिन बाजार परिसर में कीचड़ और अव्यवस्था के बीच बैठकर दुकानदारी करने को मजबूर होना पड़ रहा है। बारिश के बाद बाजार की स्थिति और भी खराब हो जाती है।
व्यापारियों ने लगाए गंभीर आरोप
स्थानीय व्यापारियों का आरोप है कि जब उन्होंने बाजार में कीचड़ की समस्या को देखते हुए ठेकेदार से मिट्टी-मुरुम डलवाने की मांग की, तो कथित तौर पर उनसे इसके लिए अलग से पैसे मांगे गए। व्यापारियों के अनुसार, उनसे कहा जाता है कि पैसा देने के बाद ही मिट्टी डलवाई जाएगी।
व्यापारियों का सवाल है कि यदि बाजार की व्यवस्था के लिए उनसे प्रत्येक सप्ताह बैठकी के नाम पर राशि ली जाती है, तो फिर बाजार की बुनियादी व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी किसकी है?
हर सप्ताह ली जाती है बैठकी की राशि
व्यापारियों के मुताबिक छोटी दुकानों से लगभग 30 से 40 रुपये, जबकि बड़ी दुकानों से 50 से 100 रुपये तक बैठकी के नाम पर राशि ली जाती है। इसके बावजूद बाजार में कीचड़, जलभराव और साफ-सफाई जैसी मूलभूत व्यवस्थाओं का अभाव दिखाई देना गंभीर सवाल खड़े करता है।
व्यापारियों का कहना है कि यदि बाजार में सुविधा उपलब्ध नहीं कराई जाएगी और हर छोटी-बड़ी व्यवस्था के लिए व्यापारियों से ही अतिरिक्त राशि मांगी जाएगी, तो फिर बैठकी के रूप में वसूली जाने वाली राशि का उपयोग आखिर किस काम में किया जा रहा है?
ग्राम पंचायत की कार्यप्रणाली पर भी सवाल
पूरे मामले में ग्राम पंचायत की भूमिका भी सवालों के घेरे में है। ग्रामीणों और व्यापारियों का कहना है कि पंचायत को बाजार की स्थिति का निरीक्षण कर कीचड़ वाले स्थानों पर तत्काल मिट्टी-मुरुम डलवाने तथा जल निकासी की व्यवस्था करनी चाहिए, ताकि व्यापारियों और बाजार में आने वाले लोगों को परेशानी न हो।
अब बड़ा सवाल यह है कि बैठकी के नाम पर हर सप्ताह राशि लेने के बावजूद बाजार की व्यवस्था बदहाल क्यों है? यदि बाजार की व्यवस्था के लिए पंचायत या ठेकेदार की जिम्मेदारी तय है, तो व्यापारियों से अतिरिक्त राशि मांगने की शिकायतों की जांच कौन करेगा?
अधिकारियों से जांच और कार्रवाई की मांग
मामले को लेकर व्यापारियों में नाराजगी दिखाई दे रही है। व्यापारियों ने संबंधित अधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, बैठकी की राशि का हिसाब सार्वजनिक कराने और बाजार की मूलभूत सुविधाएं तत्काल दुरुस्त कराने की मांग की है।
अब देखना होगा कि जनपद पंचायत बुढ़ार और जिला प्रशासन इस मामले को कितनी गंभीरता से लेता है और व्यापारियों द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच कर सच्चाई सामने लाने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।
क्या कमता साप्ताहिक बाजार की बदहाली पर प्रशासन लेगा संज्ञान?
क्या बैठकी के नाम पर ली जाने वाली राशि की होगी जांच?
और व्यापारियों से अतिरिक्त राशि मांगने के आरोपों पर कब होगी कार्रवाई?




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