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केसवाही में स्ट्रीट लाइटें बंद, अंधेरे में ग्रामीण ग्रामीणों की लगातार शिकायतों के बावजूद जिम्मेदारों की चुप्पी पर सवाल—आखिर कब जागेगी पंचायत

    केसवाही में स्ट्रीट लाइटें बंद, अंधेरे में ग्रामीण

ग्रामीणों की लगातार शिकायतों के बावजूद जिम्मेदारों की चुप्पी पर सवाल—आखिर कब जागेगी पंचायत

दैनिक प्रथम मंच इस्लाम कादरी की खास रिपोर्ट 9109341136

बुढ़ार/केसवाही। जनपद पंचायत बुढ़ार अंतर्गत ग्राम पंचायत केसवाही इन दिनों स्ट्रीट लाइटों की बदहाल व्यवस्था को लेकर चर्चा में है। ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत के विभिन्न वार्डों और गली-मोहल्लों में लगी कई स्ट्रीट लाइटें लंबे समय से बंद पड़ी हैं, जिसके कारण शाम होते ही कई स्थानों पर अंधेरा छा जाता है।

ग्रामीणों द्वारा लगातार मांग की जा रही है कि बंद पड़ी स्ट्रीट लाइटों की मरम्मत कराकर उन्हें तत्काल चालू कराया जाए, ताकि लोगों को रात के समय आवागमन में परेशानी न हो। लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि शिकायतों के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया जा रहा है।

आखिर स्ट्रीट लाइटों के रखरखाव का बजट कहां खर्च हो रहा है?

सबसे बड़ा सवाल यह है कि पंचायत में स्ट्रीट लाइटों के रखरखाव एवं सुधार के लिए यदि राशि का प्रावधान किया जाता है, तो उसका उपयोग किस प्रकार किया जा रहा है? क्या पंचायत के सभी वार्डों की स्ट्रीट लाइटों का नियमित निरीक्षण और मरम्मत होती है या फिर कागजों में ही व्यवस्था दुरुस्त दिखाई जा रही है?

इन सवालों का जवाब ग्रामीण जिम्मेदार पंचायत अधिकारियों से मांग रहे हैं।

अंधेरी गलियों में हादसा हुआ तो जिम्मेदार कौन?

रात के समय ग्रामीणों, महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों और राहगीरों का आवागमन होता है। ऐसे में अंधेरे में गड्ढे, खुले नाले, जहरीले जीव-जंतुओं या अन्य दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। ग्रामीणों का सवाल है कि यदि स्ट्रीट लाइटों की खराब व्यवस्था के कारण कोई अप्रिय घटना होती है तो उसकी जिम्मेदारी आखिर किसकी होगी?

ग्रामीणों का सवाल—निर्माण कार्यों पर ध्यान, स्ट्रीट लाइटों पर चुप्पी क्यों?

ग्रामीणों के बीच यह चर्चा भी है कि पंचायत में नाली, पुलिया, सड़क एवं अन्य निर्माण कार्यों पर तो लगातार ध्यान दिया जाता है, लेकिन सीधे आम जनता की सुरक्षा और सुविधा से जुड़ी स्ट्रीट लाइट व्यवस्था को लेकर इतनी उदासीनता क्यों दिखाई जा रही है?

हालांकि स्ट्रीट लाइटों को लेकर लगाए जा रहे वित्तीय अनियमितता अथवा कमीशन संबंधी आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है, इसलिए इन आरोपों की जांच आवश्यक है।

सचिव और पंचायत प्रबंधन से ग्रामीणों के सीधे सवाल

ग्रामीणों का कहना है कि ग्राम पंचायत के सचिव एवं जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों को जनता की समस्याओं का समाधान करना चाहिए। यदि स्ट्रीट लाइटें खराब हैं तो उनका सर्वे कराकर कितनी लाइटें बंद हैं, कितनी खराब हैं, मरम्मत पर कितनी राशि खर्च हुई और अब तक क्या कार्रवाई की गई—इन सभी बिंदुओं की जानकारी सार्वजनिक की जानी चाहिए।

ग्रामीणों की मांग है कि संबंधित जनपद पंचायत एवं उच्च अधिकारी केसवाही पंचायत की स्ट्रीट लाइट व्यवस्था की जांच कराएं और बंद पड़ी लाइटों को शीघ्र चालू कराया जाए।

अब देखना यह है कि ग्रामीणों की लगातार उठ रही आवाज पर ग्राम पंचायत केसवाही के जिम्मेदार अधिकारी कब संज्ञान लेते हैं, या फिर गांव की गलियां इसी तरह अंधेरे में रहने को मजबूर रहेंगी?


ग्रामीणों का स्पष्ट सवाल है—आखिर कब जलेगी केसवाही की स्ट्रीट लाइट और कब मिलेगा उन्हें इस समस्या से निजात?

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